मन करता है ।

चले जाऊ इस बेबस दुनिया से,
जो सिर्फ मतलब से चलती है,
खुशी बाटने तो सब आएंगे,
पर दुख में अकेले छोड़ जाएंगे,
अच्छे बनने का नाटक करेंगे,
फिर अचानक से छोड़के चले जायेंगे,
फिर हम तड़पेंगे,
चीखेंगे और चिल्लायेंगे,
एक दिन मार भी जाएंगे,
तब जा के कफ़न चढ़ाने आजायेंगे,
मन करता है बस,
हमेशा अकेले ही रहू,
ताकि कभी कोई दुख ना दे जाएंगे ।

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