प्यारी - पार्ट 2

दरवाजा बजाती है "ठाक ठाक"
पटेल मैडम "कौन चाहिए तुम्हे? और बेल क्यों नही बजायी??" 
"Aunty,मै सविता की बेटी हु आपके यह काम करती है वो मेरी माँ है,कल रात से अचानक से बहुत बीमार है,जब तक वो ठीक नही होती में ही आपके यह काम करूँगी।" प्यारी बताती है।
राय मैडम को यह सुनकर एकदम से चौक जाती है सोचती है ये तो छोटीसी बच्ची है।अब क्या करूँ में?? ये कैसे कर पाएगी,बच्चे को इसके भरोसे कैसे छोड़के जाऊ??

उतने में ही प्यारी कहती है दीदी आप बेफिक्र होक जाइये मेरा छोटे भाई को में ही संभालती थी जब माँ दिनभर आपके यह होती थी।और देखना ये चोट लल्ला भी मेरे साथ बहोत अच्छेसे खेलेगा।इसपर पटेल मैडम कहती है बाते तो तू बहोत अच्छी करती है।पर क्या तुम्हे नही लगता आई इन सबके लिए अभी तुम छोटी हो।इसपर प्यारी कहती है।
"हाँ दीदी,छोटा पैकेट बड़ा धमाका हु में।"
पटेल मैडम - अच्छा चलो एक काम करती हु में आज और कल की छुट्टी लेती हु फिर देखते है क्या किया जाए।
प्यारी दिनभर बच्चे के पास ही रहती है उसको सुलाती भी है।बच्चा इतने अच्छेसे प्यारी के साथ खेल रहा होता है की जैसे मानो उसकी अपनी बड़ी बहन हो।
बच्चा सोजत है तो पटेल मैडम प्यारी के साथ गप्पे लड़ाने बैठती है।प्याडी से कहते है की प्यारी आपको पता है की 14 साल के अंदर किसी भी बच्चे को काम पर रखना गुनाह है।इसी लिए मुझे तुम्हारी फिक्र हो रही है।इस पर प्याडी कहती है,"दीदी हम गरीब है काम नही करेंगे तो खाएंगे क्या?माँ ही काम कर रही थी पर माँ की तबियत खराब हुआ तो माँ नही आ पा रही।और अगर ये काम चले गए तो हमारे घर में सब भूखे मर जाएंगे।
इसपर पटेल मैडम कहती है,"क्यो,तुम्हारे पापा नही कमाते?"
प्यारी- (आँख भर आयी)जब तक पापा कमाते थे कभी माँ कामपर नही गयी,हर दिन तीनो समय अन्न सुख से सारा परिवार मिलके खाते थे हम,किसी भी चीज़ की कमी नही थी।पर एक हादसे में मेरे पापा के दोनों पैर कट गए।और पापा को हमेशा के लिए घर बैठना पड़ा।वैसे घर बैठे पापा भी बहोत अच्छे अच्छे चित्र निकालते हैं।पर इसका कोई फायदा नही,उनकी इस कला को सराहते तो सब है पर उससे पैसे नही काम सकते ना।मेने देखा था एक रोज पापा माँ से बात कर रहे थे तब रो रहे थे।माँ से कह रहे थे की में किसी भी काम का नही हु मुझे ये जिंदगी व्यर्थ लगती है,ईन उनकी बाते सुनी तबसे मुझे स्थितियों को समझने की पहचान हुई।
"बचपने में ही मुझे बढतपन की समझदारी आ गई"
पटेल मैडम- तुम कोनसी कक्षा में हो?
प्यारी - में स्कूल नही जाती,हमारे पास इतने पैसे नही की में स्कूल जाऊ।माँ जो पैसे कमाती है उसमे दो वक्त का खाना भी मुश्किल से मिलता है।में पहले जाती थी दूसरी कक्षा तक ही पढ़ी हूँ।उसके बाद पापा का वो हादसा। सबकी जिंदगी हम बदल गया।
देखते देखते वक्त बित गया और प्यारी घर चली गयी।
दो दिन पटेल मैडम घर पर ही थी लेकिन उसके बाद उनको छुट्टी लेना मुश्किल हुआ तो वो अपने काम पर जाने लगे,प्याडी भी उनके बच्चे का बहोत खयाल रखती थी।कुछ दिन बित गए हमेशा की तरह प्यारी पटेल मेडम के घर कामपर आयी।
पटेल मैडम ने उसे कहा की चलो मुझे तुम्हारे घर ले चलो।प्यारी पहले थोड़ी डर गयी कहने लगी क्या हुआ दीदी क्या मुझसे कोई गलती हो गई?
पटेल मेडम - नही बेटा आप चलिए तो सही,आपकी माँ के हालचाल भी पूछ लू। 
प्यारी उसे अपने घर ले गईं।बहोत छोटासा कमर था उसमे 5-6 लोग रहते है ये देख कर उन्हें बुरा लगा।प्यारी के माँ के हाथों में उन्होंने उनकी सैलरी दी और उनसे कहा की अगर आप बुरा न माने तो आपसे कुछ बात करना चाहते है।
प्यारी की माँ - जी दीदी कहिये।
पटेल मेडम - "हम आपकी बेटी प्याडी को गोद लेना चाहते है।"
ये सुनकर सब हैरान राह गए।प्यारी की माँ को कुछ समझ नही आ रहा था की वो क्या कहे।
पटेल मैडम ने उन्हें समझाया की वो प्यारी को बहोत खुश रखेंगे उनको हमेशा से बेटी भी चाहिए थी लेकिन उनको 9 साल बाद लड़का हुआ और फिरसे वो गर्भवती नही रह सकती थी।प्यारी को वो हर चीज देंगी जिसके वो पात्र है।उसके असली घर वालो से भी मिलने के लिए कभी नही टोकेंगी।वो प्यारी को एक अच्छी जिंदगी देना चाहते है।
कुछ देर मौन के बाद प्यारी की माँ ने कहा- "में आपके कैसे एहसान चुकाउ समझ नही आ रहा।आप प्याडी को गोद ले सकती है।प्यारी को भी कोई आपत्ती नही थी।
लीगली प्यारी को गोद लिया गया।प्याडी को अच्छे स्कूल में भर्ती कराया,प्यारी के बहन और भाई का भी स्कूल में दाखिला करवाया।प्यारी की माँ को एक फैक्टरी में कामपर लगाया,प्यारी के पिताजी के चित्रो को exhibition के लिए लगाया जिससे की उनके पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार आया।
पटेल मैडम ने उनकी जिंदगी नए सिरे से शुरू की,प्यारी लल्ला को भी सगी बहन से ज्यादा प्यार दे रही थी।लल्ला भी बहोत खुश था।
"कुछ साल बित गए"
प्यारी 12 वी कक्षा फर्स्ट क्लास से पार की उसके बाद प्यारी ने डॉक्टर की डिग्री के लिए दूसरे राज्य में चली गयी।
सब ठीक ठाक चल रहा था,लेकिन कहते है न मुसीबत आनी हो तो आ ही जाती है।
                                                To be continued...

अगले पार्ट में हम देखेंगे प्यारी को किन चुनोतियों से सामना करना पड़ा।आपकी रे जरूर दे।

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