Poem on women

दुसरो के सामने बहोत शरीफ बनते है,
और अपने ही घर मे बीवी बच्चो के साथ मारपीट और गालिगलोच करते है,
दुसरो के सामने बीवी को बदनाम करते है,
घर मे खुद एक पाणी का ग्लास तक नही उठाते है,
और मर्द होने का दावा करते है..
बीवी अगर कुछ कह दे,
तो औकात निकालने लग जाते है,
एक औरत को जीते जी मार दालते है,
औरंत भी एक इंसान है,
पता नही क्यू भूल जाते है,
एक तरफ बीवी को नीचा दिखाएंगे,
दुसरी तरफ देवींयो को घर मे समृद्धि लाने की प्रार्थना करेंगे,
बात थोडी कडवी है मगर सच है
"जो पती अपने बीवी की इज्जत अकेले मे भी करता है,घर का दुसरा कोई या फिर कोई बाहरवाला उस बीवी की तरफ कोई अनख उठाके बात नही करता,और जो इंसान अपनी बीवी को सबके सामने बुराभला कहता है,वो जिंदगीभर के लिये बाद मे तडपता रहता है,हर खुशी पाने के लिये"

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